बढ़ते साइबर अपराध पर सख्ती, एसपी ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश जिले में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध की रोकथाम को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में एसपी गुरुवार ने को साइबर थाना में समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध), साइबर थाना प्रभारी और साइबर थाना के अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान जिले में साइबर अपराध की मौजूदा स्थिति, उसकी रोकथाम और आरोपितों पर की जा रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद एसपी ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में आरोप पत्रित सभी साइबर अपराधियों का भौतिक सत्यापन अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अपराधियों के खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है, उनकी वर्तमान गतिविधियों, निवास स्थान और नेटवर्क की गहन जांच की जाए, ताकि पुनरावृत्ति पर रोक लग सके।इसके अलावा एसपी ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 107 के तहत साइबर अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तेज करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति को चिन्हित कर जब्ती की कार्रवाई की जानी चाहिए। बैठक में अन्य राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। एसपी ने निर्देश दिया कि जहां तहां के आरोपी या संदिग्ध लिंक्ड हैं, वहाँ की पुलिस से समन्वय कर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही, संदिग्ध सिम कार्ड और बैंक खातों का उपयोग कराने वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखने और उनके खिलाफ खुफिया सूचना संकलन का निर्देश दिया गया। साइबर प्रभावित क्षेत्रों में टोओपी (टाउन आउट पोस्ट) स्थापित करने की दिशा में भी कार्रवाई आगे बढ़ाने को कहा गया। इसका उद्देश्य उन इलाकों में पुलिस की उपस्थिति बढ़ाना है जहां साइबर अपराध का ग्राफ अपेक्षाकृत अधिक है।आरोप पत्रित साइबर अपराधियों पर निगरानी के लिए उनके खिलाफ थाना हाजिरी, कम्युनिटी कंट्रोल एक्ट अथवा अन्य उपयुक्त प्रतिबंधात्मक उपायों का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया। एसपी ने कहा कि ऐसे अपराधियों पर लगातार नजर रखना आवश्यक है, क्योंकि कई मामलों में पुरानी गिरोहबंदी और जालसाजी का सिलसिला जारी रहता है।
बढ़ते साइबर अपराध पर सख्ती, एसपी ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश जिले में तेजी से बढ़ते साइबर अपराध की रोकथाम को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में एसपी गुरुवार ने को साइबर थाना में समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में पुलिस उपाधीक्षक (साइबर अपराध), साइबर थाना प्रभारी और साइबर थाना के अन्य पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक के दौरान जिले में साइबर अपराध की मौजूदा स्थिति, उसकी रोकथाम और आरोपितों पर की जा रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की गई। समीक्षा के बाद एसपी ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में आरोप पत्रित सभी साइबर अपराधियों का भौतिक सत्यापन अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन अपराधियों के खिलाफ चार्जशीट दायर हो चुकी है, उनकी वर्तमान गतिविधियों, निवास स्थान और नेटवर्क की गहन जांच की जाए, ताकि पुनरावृत्ति पर रोक लग सके।इसके अलावा एसपी ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 107 के तहत साइबर अपराधियों की संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया तेज करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति को चिन्हित कर जब्ती की कार्रवाई की जानी चाहिए। बैठक में अन्य राज्यों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया। एसपी ने निर्देश दिया कि जहां तहां के आरोपी या संदिग्ध लिंक्ड हैं, वहाँ की पुलिस से समन्वय कर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही, संदिग्ध सिम कार्ड और बैंक खातों का उपयोग कराने वाले व्यक्तियों पर विशेष निगरानी रखने और उनके खिलाफ खुफिया सूचना संकलन का निर्देश दिया गया। साइबर प्रभावित क्षेत्रों में टोओपी (टाउन आउट पोस्ट) स्थापित करने की दिशा में भी कार्रवाई आगे बढ़ाने को कहा गया। इसका उद्देश्य उन इलाकों में पुलिस की उपस्थिति बढ़ाना है जहां साइबर अपराध का ग्राफ अपेक्षाकृत अधिक है।आरोप पत्रित साइबर अपराधियों पर निगरानी के लिए उनके खिलाफ थाना हाजिरी, कम्युनिटी कंट्रोल एक्ट अथवा अन्य उपयुक्त प्रतिबंधात्मक उपायों का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया। एसपी ने कहा कि ऐसे अपराधियों पर लगातार नजर रखना आवश्यक है, क्योंकि कई मामलों में पुरानी गिरोहबंदी और जालसाजी का सिलसिला जारी रहता है।